सोलर/पवन भूमि-लीज़ रेड-फ्लैग चेकर
साइन करने से पहले शर्तें चेक करें और पूरी अवधि का अनुमानित किराया जानें
कई राज्यों में सोलर/पवन ऊर्जा कंपनियां किसानों की ज़मीन 25-30 साल की लंबी लीज़ पर ले रही हैं। यह अवधि खेती की छोटी बटाईदारी से बहुत अलग है, और शर्तें समझे बिना साइन करना नुकसानदेह हो सकता है। नीचे अपनी लीज़ की शर्तें चेक करें और अनुमानित कुल किराया निकालें।
यह क्यों ज़रूरी है
राजस्थान, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में सोलर/पवन ऊर्जा कंपनियां किसानों की ज़मीन को 25-30 साल की लंबी लीज़ पर ले रही हैं। यह अवधि पारंपरिक खेती की बटाईदारी से बिल्कुल अलग है — इतनी लंबी अवधि, किराया-वृद्धि (escalation) क्लॉज़, और प्रोजेक्ट बंद होने पर ज़मीन वापसी जैसी शर्तों का अनुभव ज़्यादातर छोटे भूमि मालिकों को नहीं है। हमारा मौजूदा बटाईदारी टूल सिर्फ़ फसल-हिस्सा तय करता है — यह पूरी तरह अलग, फिक्स्ड-टर्म एनर्जी-इंफ्रास्ट्रक्चर लीज़ है।