विरासत में मिली ज़मीन की रजिस्ट्री कैसे करें?

वारिस सर्टिफिकेट से म्यूटेशन तक — पूरी प्रक्रिया आसान भाषा में समझें

जब माता-पिता या किसी पूर्वज की ज़मीन उनके निधन के बाद वारिसों को मिलती है, तो इसे 'खरीद-फरोख्त' नहीं बल्कि 'उत्तराधिकार' (inheritance) माना जाता है — इसलिए यहाँ सेल डीड की जगह म्यूटेशन (नामांतरण) की प्रक्रिया अपनाई जाती है।

सामान्य प्रक्रिया — कदम दर कदम

1मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) बनवाएं
2उत्तराधिकार/वारिस प्रमाण पत्र (Legal Heir/Succession Certificate) के लिए आवेदन करें
3अगर कई वारिस हैं, तो आपसी सहमति से बंटवारा (Family Settlement) तय करें
4स्थानीय राजस्व/तहसील कार्यालय में म्यूटेशन (नामांतरण) के लिए आवेदन करें
5नई खतौनी/जमाबंदी में अपना नाम दर्ज होने की पुष्टि करें

ध्यान दें: यह सामान्य जानकारी है, यह कानूनी सलाह नहीं है। सटीक प्रक्रिया और दस्तावेज़ राज्य/स्थानीय तहसील के हिसाब से अलग हो सकते हैं — विवाद या जटिल मामलों में स्थानीय वकील से सलाह ज़रूर लें।

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